DIL KI KALAM SE

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कसाब को फाँसी

Posted On: 22 Nov, 2012 Others में

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सरकार की अपना करो बखान
क्या खूब किया इसने इंसाफ
खाली कर दिया देश खजाना
बचाने को आतंकी मियां “कसाब”

हत्याओं की लगा कतार
फाँसी लटके खुद भी यार
पाप की सजा जो तुमने पाई
पाक की इज्जत खाक मिलाई

आतंकियों का बन शिरोमणि
ताज पर बमो की झड़ी लगाई
बेगुनाहों का मार के यारा
माफ़ी की फिर गुहार लगाई

जख्म भी ऐसे दिए जहाँ को
शैतान भी ले सर झुका
जेल में रह कर भी
पड़ा ना ढीला
बिरयानी खा मौज मनाई
सन्देश देना मात को मेरी
अंतिम इच्छा ये जताई

एक युग का अंत हो गया
अब अजमल की भी बारी आई
देश भक्तो ने ख़ुशी मनाई
आंतकियों की जो सामत आई
जय हिन्द जय भारत

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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

nishamittal के द्वारा
November 24, 2012

अच्छी रचना लगी फूल सिंह जी.वर्तमान की गंभीरतम समस्याओं में से एक है आतंवाद जिससे विश्व जूझ रहा है,परन्तु हमारी नीतियां ढिलाई युक्त होने के कारण देश का पैसा कसाब,अजमल और ऐसे ही अपराधियों पर हो रहा है

    phoolsingh के द्वारा
    December 4, 2012

    नीशा जी नमस्कार…… आपका बहुत बहुत धन्यवाद….. फूल सिंह

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
November 23, 2012

एक मारा कसाई अजमल की बारी आयी आपको बधाई अछि रचना पढ़ाई. सादर आदरणीय फूल सिंह जी.

    phoolsingh के द्वारा
    December 4, 2012

    प्रदीप जी नमस्कार…… आपका बहुत बहुत धन्यवाद….. फूल सिंह

akraktale के द्वारा
November 22, 2012

जय हिन्द जय भारत

    phoolsingh के द्वारा
    December 4, 2012

    अशोक जी नमस्कार.. आपका बहुत बहुत धन्यवाद….. फूल सिंह

November 22, 2012

फूल सिंह जी बहुत ही सार्थक प्रस्तुति ,,,बिरयानी खा मौज मनाई सन्देश देना मात को मेरी अंतिम इच्छा ये जताई एक युग का अंत हो गया अब अजमल की भी बारी आई

    phoolsingh के द्वारा
    December 4, 2012

    शर्मा जी नमस्कार.. आपका बहुत बहुत धन्यवाद….. फूल सिंह

Mohinder Kumar के द्वारा
November 22, 2012

फ़ूल सिंह जी, सार्थक रचना के लिये बधाई… हमारी न्याय प्रणाली कितनी लचर और सुस्त है यह इस बात का प्रमाण है कि एक निर्मम हत्यारे को भी इतने दिनों तक करोडों रुपये खर्च करके जिन्दा रखा जाता है जिसके खिलाफ़ सारे सबूत मौजूद थे… लिखते रहिये.

    phoolsingh के द्वारा
    December 4, 2012

    मोहिंदर जी नमस्कार…… आपका बहुत बहुत धन्यवाद….. फूल सिंह


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